1. संस्था का
मुख्य उद्देश्य हिन्दू धर्म में वर्णित देवी, देवता, महात्मा, साधू, सन्यासी आदि के चरित्रों व प्राप्त ज्ञान का प्रचार प्रसार जन साधारण में करना |
2. रामायण, गीता, महाभारत, वेद-पुराणों से प्राप्त ज्ञान और सन्देश जनसाधारण को कराने हेतु सुयोग्य विद्वानों के माध्यम से, कथावस्तुओ को व्याख्यान करना व करने की व्यवस्था करना |
3. भागवत, धर्म-उद्देश्य के माध्यम से मानव जीवन में पारस्परिक एकता, भाईचारा, सदभाव व स्नेह का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास करना | ताकि समाज में सुख औरशांति का वातावरण बन सकें |
4. कथा व प्रवचन हेतु शिविरों, सम्मेलनों का आयोजन करना तथा कथा प्रेमियों द्वारा आयोजित कथा कार्यक्रमों में भाग लेना तथा कथा वचन के माध्यम से मानव जीवन में धर्म के प्रति आस्था, विश्वास तथा पारस्परिक स्नेह का वातावरण तैयार करने का प्रयास करना |
5. हिन्दू धर्म से सम्बंधित वेद-पुराणों व धर्म- ग्रंथो में उपलब्ध जनकल्याणकारी प्रसंगों से सम्बंधित साहित्य सामग्रियों का प्रकाशन व मुफ्त विवरण की व्यवस्था करना |
6. हिन्दू संस्कृति के संरक्षण व सुरक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य करना | तथा हिन्दू धर्म और संस्कृति प्रचार प्रसार व विकास हेतु सार्थक प्रयास करना |
7. देश के प्रमुख संत, कथावाचको आदि के कार्यक्रम’ आयोजित करना |
8. संस्था के उद्देश्य पूर्ति हेतु दान- अनुदान, चंदा, उपहार आदि के माध्यम से संस्था का कोष निर्मित करना |
9. संस्था के लिए चल अचल संपत्ति, भूमि-भवन आदि क्रय करना | दान या पट्टे पर लेना |
10. हिन्दू धर्म से सम्बंधित साहित्य सामग्री, वेद, पुराण, उपनिषदों आदि का संग्रह करना |
11. हिन्दू धर्म की रक्षा हेतु आवश्यक कार्यक्रम तैयार करना व उन्हें क्रियान्वित करना |
12. हिन्दू धर्मो के सामाजिक पर्वो व धार्मिक पर्वो तीज-त्योहारों पर उनकी मान्यताओ के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन करना |
13. सर्वधर्म सम्भाव से सम्बंधित साहित्य सामग्रियों, पुस्तकों का प्रकाशन व मुफ्त विवरण करना |
14. हिन्दू समाज के सर्वोन्मुखी विकास के लिए कार्य करना इस हेत आवश्यकतानुसार विभिन्न प्रकार की सामाजिक शैक्षिक रचनात्मक गतिविधियों को अपनाना व उनसे सम्बंधित कार्यक्रमों का आयोजन करना व करना |
15. संस्था की अर्जित आय से निर्धन बच्चो को पुस्तकीय सहायता, छात्रवृति आदि देने की व्यवस्था करना ताकि उनका भविष्य उज्जवल व स्वर्णिम बन सके |
16. संस्था कीअर्जित आय से व्रद्जानो के कल्याण हेतु वातावरण तैयार करना तथा परिवार से तिरस्कृत व्रद्जानो के लिए वृद्धाश्रम स्थापित कर उनके स्वस्थ्य मनोरंजन भोजन स्वास्थ्य सुरक्षा देख रेख आदि की समुचित व्यवस्था करना |
17. संस्था की अर्जित आय से विकलांगो केलिये कृत्रिम अंगो व विकलांग उपकरणों कामुफ्त वितरण करना व कराना |
18. संस्था कीअर्जित आय सेनागरिको कोनिशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओ को उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी |
19. संस्था कीअर्जित आय से गरीब परिवारों कीकन्याओ कीशादिय दहेज़ विहीन करवाना तथा इसके लिए सामूहिक वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित कराना |
20. सामाजिक सद्भावना तथान्याय के लिए कार्य करना |
21. राष्ट्रीय एकता को बढावा देने के समस्त उपाय करना |
22. संस्था कीआर्जित आय से देवी आपदाओ, प्राकृतिक आपदाओ जैसे महामारी, भूकम्प, बाढ़, सूखा, अग्निकांड, एक्सीडेंट आदि में पीड़ित जनता के मध्य राहत कार्य करना | उन्हें निशुल्क राहत सामग्री, भोजन, वस्त्र, दवाए आदि उपलब्ध कराना तथा राहत शिविरों का आयोजन करना, व शासन\ प्रशासन के सक्षम अधिकारीयों की पूर्व अनुमति से प्रबंध कार्य एवं संचालन नियमानुसार करना व कराना |